23.5.24

Q-176 मैं कुछ अलैहदा

मैं कुछ अलैहदा हूँ इस ज़माने से,
पसीजता नहीं किसी के मनाने से,
मैं आइना हूँ, ढुलमुल इंसान नहीं,
बाज़ न आऊंगा सच्चाई बताने से।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-176

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