19.4.24

P-248 शायद पहचान सकेंगे

शायद पहचान सकेंगे अपनी एहमियत हम भी कभी,
औरों की तरह जब हो जाएंगे बेमुरव्वत हम भी कभी।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-248

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