9.2.24

S-302 मुद्दतों तक न भूलेंगे

मुद्दतों तक न भूलेंगे तेरी नज़रंदाज़ियों को हम,
बाख़ूबी जान गए हैं तेरी 'मसरूफ़ियतों को हम। 

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-302


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