ख़ुदा ने ख़ुद ही इंसाँ के साथ बड़ी बेइंसाफ़ी की है,
किसी को इंसानियत नहीं दी, किसी को भर भर के दी है।
एहसासो-जज़्बात बांटते वक्त भी उसने की तरफ़दारी,
किसी को बना दिया संगदिल तो किसी को नरमदिली दी है।
किसी को इंसानियत नहीं दी, किसी को भर भर के दी है।
एहसासो-जज़्बात बांटते वक्त भी उसने की तरफ़दारी,
किसी को बना दिया संगदिल तो किसी को नरमदिली दी है।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-142
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