24.10.23

Q-136 इंसाँ पर खुदको

इंसाँ पर ख़ुदको पाकसाफ़ बताने के हज़ार तरीके,

सारे जहांन को गुनाहगार ठहराने के बेशुमार तरीके,

कोई कुछ भी मुग़ालता पाल ले कितना भी खुश होले,

ख़ुदा के पास है  सज़ा देने के बड़े सदाबहार तरीके।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-136

No comments:

Post a Comment

K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...