1.5.23

S-262 हाथ छुड़ाने से

हाथ छुड़ाने से ही साथ छूट जाए, ज़रूरी नहीं,
साथ रहके भी तो लोग बिछुड़े हुए से रहते हैं। 

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-262

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