20.4.23

S-260 मेरी कलम को

मेरी कलम को जज़्बात की ख़ुराक चाहिए,
तहरीर के वास्ते अरमानों की ख़ाक चाहिए।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-260

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