21.2.23

S-234 कितना अच्छा होता

कितना अच्छा होता अगर यादों पर इंसाँ का कोई कंट्रोल होता।
न होतीं तकलीफें, न होते आंसू, न बेवफ़ाओं का कोई मोल होता।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-234

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