3.12.22

P-170 मुखोटे में उसे

मुखोटे में ही देखने के आदी हो गए थे हम उसे,
मुखोटा हटने पर भी पहचान न पाए हम उसे।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-170

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