2.12.22

P-169 प्यार और दर्द

प्यार और दर्द दोनों हैं एक जैसी फ़ितरत के,
कितना भी दबाओ, बारबार उठ खड़े होते हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-169

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