9.11.22

P-161 ज़िन्दगी तो दोबारा

ज़िन्दगी तो तुझे देनी नहीं मुझे दोबारा ऐ ख़ुदा,
फिर क्यों मेरे तजुर्बों में इज़ाफ़ा किये जा रहा है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-161

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