18.7.22

P-128 ज़िन्दगी बारबार

ज़िन्दगी बार-बार सिखाती है, हम ही नहीं सीखा करते,
दोनों में एक भी खुदगर्ज़ हो तो रिश्ते नहीं टिका करते।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-128

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