6.7.22

P-126 मैं बदल देता

मैं बदल देता सारे जहाँ को अपने मुताबिक,
मगर मुझको जहाँ मुकम्मल मिला ही नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-126

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K-007 सूरज को मैं

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