6.5.22

S-124 मेरी होकर भी

मेरी होकर भी मुझे मिलने का मौका नहीं दिया उसने,
मेरे देखते-देखते मेरे सामने से गुज़र गई मेरी ज़िन्दगी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-124

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