21.5.22

P-091 बहुत महसूस

बहुत महसूस होता है वो दर्द भी उसका,
चाह कर भी जिसको मैं बांट नहीं सकता।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-091

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K-007 सूरज को मैं

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