20.5.22

P-090 कितने अजीब,

कितने अजीब, कितने भोले लोग वो होते हैं,
दिल की किताब अनपढ़ों के हाथ मे जो सौंप देते हैं.

- वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-090

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