1.3.22

T-017 मुझको यह

मुझको यह मालूम था ही नहीं,
मनचाहा प्यार मिलता ही नहीं।
मिल जाए, तो टिकता ही नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" T-017

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