29.12.21

S-067 मेरा वजूद कम

मेरा वजूद कम न आंक, मैं रौशन चिराग हूँ
भटके के लिए रोशनी, टेढ़े के लिए आग हूँ।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-067

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