8.11.21

T-002 गर अपनी मर्ज़ी

गर अपनी मर्ज़ी से ज़िन्दगी बितानी है,
तब ही ये ज़िन्दगी ज़िन्दगी है, नहीं तो
मर्ज़ी बिना तो यह सिर्फ़ ज़िन्दगानी है।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" T-002

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K-007 सूरज को मैं

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