3.8.21

S- 035 दिए हैं आज

दिए हैं आज दर्द तो कोई ग़म ही नहीं,
जा ज़िन्दगी हमे तेरी ज़रूरत भी नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-035

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K-007 सूरज को मैं

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