20.7.21

T-003 मैं भी कहाँ

मैं भी कहाँ बेवफ़ाओं से उलझ गया हूँ,

दरियाऐ आतिश में कूदकर जोशे-जुनूँ में,

बच तो गया, पर आग में झुलस गया हूँ।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" T-003


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K-007 सूरज को मैं

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