30.4.21

H-1 to 20 हायकू चौका, ताँका

         -एक "चौका" रचना--

भ्रम मेरा है,
प्रभु नहीं मेरा है,
वो ही मेरा है,
प्रभु का सो मेरा है,
मैं प्रभु तेरा,
प्रभु तू भी मेरा है,
क्या मेरा तेरा,
सर्व नाम तेरा है,
कुछ न मेरा,
मैं तेरा तू मेरा,
ये जीवन तेरा है।  (3.8.2012)

वर्षा अब जा,
अतिवृष्टि न कर,
क्यों देती कष्ट,
तू फलदायी रह,
कष्टदायी न बन ।


                   -हायकू-

1. मैं न देखूंगा,
आज के बाद तुझे,
सच्चे आईने।

2,  ज़्यादा आशाएं,

अधिक आकांक्षाएं,

निरी व्यथाएं


3. देखी न खुशी,

कैसे पहचानूँ मैं,

अनजानी को।


4. मंदिर बना,

अयोध्या का उत्थान,

जय श्रीराम।


5. माया ही माया,

यत्र तत्र सर्वत्र,

दूर क्यों जाय।


6. सीमा न बांधो,

विचरने दो मुझे,

चंचल मन।


7. मन मे ब्रह्म,

चहुं ओर भरम,

त्रस्त जीवन।


8. मिथ्या ही मिथ्या,

सत्य दिखता नहीं,

है दृष्टि दोष।


9. खंडहरों में,

कोपल अंकुरित,

नई आशाएं।


10. तूफ़ाँ को रोको,

कलियों को बचाओ,

टूटे न आशा।


11. मन का दीया,

मैंने जला ही दिया,

तन्हाइयों में।


12. थक गया हूँ,

हवेली से निकला

गैरिज में हूँ।


13. स्वर खामोश,

आवाज़ न मिलेगी,

लता की जैसी।


14. कोमल कली

निर्दयी तीव्र हवा 

करे न प्रश्न।


15. प्रभु की कृपा,

लीला अपरम्पार,

करे उद्धार।


16.  इतना ऊँचा

कोई छू भी न सके,

चाँद कहीं का।


17. शोर ही शोर

सुनता नहीं कोई

क्या संवाद हो।


18. सफ़र तन्हा

राहें कांटों से भरी

मंज़िल दूर।


19. विलंब नहीं,

धीरे धीरे लगेगा

पूर्ण ग्रहण ।


20. अब आ भी जा,

ज़िद छोड़ तनिक,

रहे क्यों तन्हा


21. पानी नहीं है,

तेरे कांधे पे गिरा,

आंसू है मेरा।


22. ऐ संगदिलों,

मुझे भी तो जीने दो,

अपने बीच।


23. व्यथित मन,

किंचित दृढ़ बन,

छोड़ रूदन।


24. भावहीन हैं,

विचलित क्यों होंगे,

निर्दयी मन।


25. आकाश मेरा,

चांद सितारे मेरे,

तुम न मेरे।


26. परिंदे उड़े,

नभ से देखा नीचे,

सभी थे छोटे।


27. मेघा रे मेघा,

अब बरस भी जा,

तू मान भी जा।


28. हल्की सी गूंज,

पुकारती है मुझे,

किंतु नभ से।


29. दिखला भी दे,

पहली सी सूरत,

मेरे आईने।


30. तोड़ोगे शीशा,

शक्ल बिगाड़ देगा,

सच्चा है बड़ा।


31. रोटी छीन ली,

वह भी स्वीकार्य था,

सांसें क्यूँ छीनी।


32. ले तेरी यादें,

देदे मेरी यादें तू,

हिसाब साफ़।


33. मैं मंत्रमुग्ध,

मुस्काउं मंद मंद,

मन ही मन।


34. स्तब्ध हुआ हूँ,

वो मिला मुझमें ही,

मेरा अहम।


35. नारी भ्रमित,

क्या केवल श्रद्धा है,

या श्रापित भी।


36. कैसे मान लूं,

देखा नहीं खुशी को,

अपने पास।


37. मैं और तुम,

भावना के कुसुम,

खिले खिले से।


38. अर्पण करें,

श्रद्धा और नमन,

प्यारे सुमन।


39. पगडंडियां,

मेरी मार्ग दर्शक,

गंतव्य तक।


40. निकले आंसू,

पथरीली आंखों से,

वो नहीं आया।


41. ये कैसा कृत्य,

अजन्मे की भी हत्या,

हे भगवान।


42. आंसू पूछते,

बादल तू बरसे,

या मैं बरसूं ।


43.दिन बुरे हैं,

ज़िन्दगी बुरी नहीं,

भूलना नहीं।


44. नारी देवी है,

पुरुष मंदिर है,

दोनों महान।


45. नेह न पाया,

दर्द ही दर्द सहा,

पत्थर हूँ मैं।


46. बोया था अन्न,

चाही समृद्धि मैंने,

उगी ग़रीबी।


47. ज़र्द है पत्ता,

होने वाला है जुदा,

प्रतीक्षा में है।


48. सीमाओं बिन,

उच्छ्रंखल जीवन,

दिन ब दिन।


49.भागी थकान,

तुम जो मिले मुझे,

थमा तूफ़ान।


50. नहीं मानता,

प्रतीक्षा ही करता,

मन नादान।






 

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